
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया सम्मानित, न्यायिक एवं अभियोजन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान की सराहना
देहरादून, संवाददाता। उत्तराखंड अभियोजन सेवा में लगभग 28 वर्षों तक उत्कृष्ट, निष्ठापूर्ण एवं निर्भीक सेवाएं देने वाले जिला अभियोजन निदेशालय, देहरादून के उप निदेशक अभियोजन जी.सी. पंचोली को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “विधि-सेवा सम्मान” से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें अभियोजन सेवा, न्यायिक व्यवस्था और विधिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
जी.सी. पंचोली ने अपने सेवाकाल में सरकारी अधिवक्ता एवं अभियोजन अधिकारी के रूप में कई महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी कर पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराधियों को दंडित कराने में अहम भूमिका निभाई। उनका मूल उद्देश्य सदैव “पीड़ित को न्याय मिले और अपराधी दंडित हों” रहा है।
उन्होंने कथित आईएसआई कमांडर मोहम्मद रफीक समेत कई चर्चित मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की। इसके अलावा भ्रूण हत्या के विरुद्ध जनजागरूकता, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़ी भ्रांतियों के निराकरण तथा नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
पंचोली पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, नरेंद्र नगर में कोर्स डायरेक्टर एवं प्रशिक्षक के रूप में अभियोजन और पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दे चुके हैं। नए आपराधिक कानूनों के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साक्षियों की गवाही की व्यवस्था को प्रभावी बनाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
विधिक साहित्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे उत्तराखंड पुलिस अधिनियम तथा उत्तराखंड अभियोजन निदेशालय की पत्रिका के संपादक रह चुके हैं। धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, जेल मैनुअल एवं यूसीसी अधिनियम पर आधारित उनकी पुस्तकें प्रकाशन के अंतिम चरण में हैं।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि न्याय के प्रति समर्पण, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष, सैकड़ों अधिकारियों के प्रशिक्षण और विधिक व्यवस्था को सशक्त बनाने में जी.सी. पंचोली का योगदान अभियोजन सेवा के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मान प्रदान करते हुए उनके कार्यों की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन की कामना की। समारोह में उपस्थित लोगों ने उन्हें युवा अभियोजकों और पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
