

‘युवा देश के भविष्य के निर्माता’, एआई और मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने का किया आह्वान
सामुदायिक रेडियो सहित दो नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन, विद्यार्थियों के लिए दो विद्युत बसें देने की घोषणा
देहरादून। दून विश्वविद्यालय में गुरुवार को दीक्षारंभ कार्यक्रम ‘युवा संवाद’ का आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय और स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज के नवनिर्मित भवनों के साथ ‘दून विश्वविद्यालय सामुदायिक रेडियो 88.4 एफएम’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पुस्तकालय का नाम भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर रखने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, विधायक विनोद चमोली और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने नवागंतुक छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए विश्वविद्यालय के विकास में निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राज्य के शैक्षिक और सामाजिक विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
युवाओं को बदलते समय के लिए तैयार रहने का संदेश
‘युवा संवाद’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नवागंतुक विद्यार्थियों को बधाई दी और विश्वविद्यालय में नई सुविधाओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य के निर्माता हैं। तेजी से बदलती तकनीक और परिस्थितियों के बीच युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। मुख्यमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों में अकादमिक रूप से आगे बढ़ने और शोध को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने युवाओं से देश के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
भाषा विभागों में शैक्षणिक पदों की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के बेहतर भविष्य के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने स्कूल ऑफ लैंग्वेज के स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चीनी, जापानी और अंग्रेजी भाषा विभागों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमानुसार शैक्षणिक पदों की स्वीकृति देने की बात कही। सामुदायिक रेडियो के संचालन के लिए समन्वयक और तकनीकी सहायक के दो पदों पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की परिवहन संबंधी समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दो विद्युत बसें उपलब्ध कराने की सहमति भी दी।
छात्रों ने पूछे रोजगार, मानसिक स्वास्थ्य और यातायात से जुड़े सवाल
‘युवा संवाद’ के दौरान छात्र-छात्राओं ने कौशल विकास योजनाओं, खटीमा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना, रोजगार के नए अवसर, मानसिक स्वास्थ्य के लिए परामर्श सेवाओं को बढ़ावा देने, सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार सहित विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सवाल किए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और शोध संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भविष्य में नए संस्थानों की स्थापना की दिशा में भी काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास के लिए ऐसे मॉडल की आवश्यकता बताई, जिसमें राज्य की अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन बना रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से तेजी से होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
नगर प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम के विशेष अतिथि विधायक विनोद चमोली ने दून विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित शहरी प्रबंधन पाठ्यक्रम में नगर प्रबंधन से जुड़े विषयों को और बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे भविष्य में ऐसे दक्ष प्रबंधक तैयार होंगे, जो राज्य और शहरों की विकास दिशा तय करने में सहयोग कर सकेंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों से अकादमिक ज्ञान के साथ आध्यात्मिक और नैतिक रूप से भी मजबूत बनने का आह्वान किया, ताकि देश का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव दुर्गेश डिमरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन प्रो. एचसी पुरोहित ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
