
800 से अधिक युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री के ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ से जुड़ा सीआईएमएस कॉलेज, जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 2 अगस्त से प्रारंभ हुए “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान” के तहत उत्तराखंड में जनजागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। इसी क्रम में देहरादून के कुंआवाला स्थित सीआईएमएस कॉलेज में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित मेरा युवा भारत तथा सजग इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेते हुए नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीआईएमएस कॉलेज के चेयरमैन एवं सजग इंडिया के संस्थापक एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए छात्र-छात्राओं के स्वागत के साथ किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशा मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान” से जुड़ने के लिए सीआईएमएस कॉलेज का चयन होना संस्थान के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह चयन नशा मुक्ति के क्षेत्र में वर्षों से किए जा रहे सतत प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है। उन्होंने बताया कि सजग इंडिया पिछले 15 वर्षों से राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चला रहा है। संस्था द्वारा हजारों युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नशा मुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ 100 सप्ताह का यह अभियान देशभर में नशे के विरुद्ध प्रभावी जनआंदोलन का रूप लेगा।
कार्यक्रम के दौरान संगीत, लोकगीत, नृत्य, नुक्कड़ नाटक, माइम एक्ट, पेंटिंग, वाद-विवाद, स्लोगन लेखन, भाषण, कविता एवं शॉर्ट फिल्म जैसी विभिन्न जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। चयनित प्रतिभागियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
मुख्य अतिथि जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों को अपनाने तथा समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
मेरा युवा भारत की उपनिदेशक मोनिका नंदा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए राज्यभर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों एवं युवाओं ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर माय भारत उत्तराखंड के राज्य निदेशक राहुल डबराल, लेखा एवं कार्यक्रम सहायक प्रवेश बजवाल, सुमन सिंह बिष्ट, सुभाष खत्री, उत्तराखंड डिफेंस एकेडमी के निदेशक मेजर (सेवानिवृत्त) ललित सामंत, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल जे.एस. नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक एवं 800 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

